JP Associates की JP Power को खरीदने वाली अदाणी पावर के नतीजे आ गए, मुनाफा 47% बढ़कर ₹4866 करोड़ हुआ

Adani Power Q1 Net Profit Surges

Adani Power Q1 Net Profit Surges

नई दिल्ली: Adani Power Q1 Net Profit Surges: बिजली बनाने वाली देश की बड़ी प्राइवेट कंपनी अडानी पावर लिमिटेड (APL) ने चालू वित्त वर्ष (2026-27) की पहली तिमाही के शानदार नतीजे जारी किए हैं. देश में भीषण गर्मी के कारण बिजली की रिकॉर्ड मांग और बढ़ी हुई कीमतों की वजह से कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 47.24 प्रतिशत बढ़कर 4,866.60 करोड़ रुपये हो गया है. पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को 3,305.13 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था.

कंपनी के बयान के मुताबिक, इस दौरान टैक्स देने से पहले का मुनाफा भी करीब 50 फीसदी उछलकर 6,300.49 करोड़ रुपये पर पहुंच गया.

राजस्व और बिजली की बिक्री में बड़ी बढ़त

इस तिमाही में अडानी पावर की कुल कमाई 28.08 प्रतिशत बढ़कर ₹17,550.43 करोड़ हो गई, जो पिछले साल ₹13,702.94 करोड़ थी. कंपनी की कुल बिजली उत्पादन क्षमता भी अब बढ़कर 18,330 मेगावाट (MW) हो गई है. नए पावर प्लांट चालू होने और मजबूत मांग के कारण कंपनी की कुल बिजली बिक्री 16.9 प्रतिशत बढ़कर 28.8 बिलियन यूनिट (BU) पर पहुंच गई.

मुनाफा बढ़ने के मुख्य कारण

  • महंगी बिकी बिजली: बिजली की भारी मांग के कारण ओपन मार्केट (मर्चेंट) में बिजली बेचने की दरें 13.1% बढ़कर ₹7.04 प्रति यूनिट तक पहुंच गईं.
  • पुरानी बकाया आय: पुराने बिजली समझौतों में संशोधन के कारण कंपनी को ₹1,386.34 करोड़ की एकमुश्त पुरानी रकम मिली, जिससे मुनाफा सीधे तौर पर बढ़ गया.
  • नई हिस्सेदारी से लाभ: जयप्रकाश पावर वेंचर्स में हिस्सेदारी खरीदने के बाद कंपनी को ₹117.69 करोड़ का अतिरिक्त मुनाफा हुआ.

परमाणु ऊर्जा में एंट्री और ₹15,000 करोड़ का बड़ा फंड

अडानी पावर के सीईओ एस. बी. ख्यालिया ने बताया कि कंपनी अब पानी से बनने वाली बिजली और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में कदम रखने की तैयारी कर रही है. कंपनी का लक्ष्य अपनी क्षमता को बढ़ाकर 45 गीगावाट (GW) करने का है. इस बड़े लक्ष्य को पूरा करने के लिए कंपनी के बोर्ड ने दो बड़े फैसलों को मंजूरी दी है:

  • ₹15,000 करोड़ जुटाना: नए शेयर (QIP) जारी करके बाजार से ₹15,000 करोड़ का फंड जुटाया जाएगा.
  • कर्ज की सीमा बढ़ाना: कंपनी की कुल लोन लेने की लिमिट को ₹75,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹1,00,000 करोड़ कर दिया गया है.